उदयी राम 1994 बैच के पीसीएस अधिकारी हैं। उनके खिलाफ एक मामले की जांच चल रही है। इनके अपने बैच व जूनियर बैच के करीब 70 पीसीएस अधिकारी आईएएस में पदोन्नति प्राप्त कर चुके हैं। ये जांच खत्म होने का इंतजार करते-करते अगले महीने रिटायर हो जाएंगे।
आईएएस संवर्ग में चयनित नहीं हो पाए। हालांकि 2019 की सेलेक्ट लिस्ट में इनका नाम शामिल है, लेकिन जांच लंबित होने से आयोग की विभागीय पदोन्नति समिति की आगामी बैठक में नाम रखने के बावजूद पिछले कई साल से बंद लिफाफा खुलने की संभावना न के बराबर है।
1994 बैच के भीष्म लाल भी पीसीएस अधिकारी हैं। इनके खिलाफ भी जांच चल रही है। इनसे जूनियर करीब 66 पीसीएस अधिकारी पदोन्नति पाकर आईएएस हो चुके हैं। पिछले कई वर्षों से हर बार विभागीय पदोन्नति समिति की बैठक में इनके नाम पर चर्चा होती है।
जांच लंबित होने की वजह से प्रोविजनल पदोन्नति देकर लिफाफा बंद कर दिया जाता है। इस बार इनसे जूनियर 26 और पीसीएस अधिकारी आईएएस बनने जा रहे हैं। इनकी पदोन्नति का लिफाफा फिर बंद रहने के आसार हैं। इसी तरह 1997 बैच के पीसीएस अधिकारी हरीश चंद्र और घनश्याम सिंह के खिलाफ भी जांच चल रही है।
हरीश चंद्र के जूनियर तमाम साथी बीते दो वर्षों में आईएएस 2012 व 2013 बैच में शामिल हो चुके हैं। घनश्याम सिंह पिछले वर्ष आईएएस संवर्ग में पदोन्नति की पात्रता में आए थे। विभागीय कार्यवाही के दायरे में होने की वजह से उन्हें छोड़ 12 जूनियर साथियों को आईएएस संवर्ग में पदोन्नति मिल गई। इस बार भी लिफाफा बंद रहने की संभावना है।
1998 बैच : बद्रीनाथ सिंह, राकेश चंद्र शर्मा, अंजनी कुमार सिंह, राज कुमार-प्रथम, डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी, सौम्य श्रीवास्तव, गरिमा यादव, ज्ञानेंद्र सिंह, जयशंकर दुबे, ओम प्रकाश वर्मा, राकेश कुमार मालपानी, आशुतोष कुमार द्विवेदी, अविनाश सिंह, आनंद कुमार, जंग बहादुर यादव-प्रथम, मनोज कुमार, आलोक कुमार, अजय कांत सैनी, अनिल कुमार यादव, शीलधर सिंह यादव, गिरिजेश कुमार त्यागी।
इनकी पदोन्नति पर फिर होगा विचार
1994 बैच : उदयी राम व भीष्मलाल वर्मा।
1997 बैच : हरीश चंद्र, घनश्याम सिंह।