मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा है कि बसपा विधानसभा चुनाव की लड़ाई में ही नहीं है। वह मुकाबले में बहुत पीछे छूट गई है। उसने अपना पूरा वोट भाजपा को ट्रांसफर कर दिया है। उनके लोग भाजपा में चले गए हैं। इस तरह अखिलेश ने बिना कहे सपा और भाजपा के बीच चुनावी लड़ाई का संकेत कर दिया।
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बुधवार को यहां नोएडा, ग्रेटर नोएडा व यमुना औद्योगिक विकास प्राधिकरण की योजनाओं का उद्घाटन करने के बाद सीएम ने पत्रकारों के सवालों के जवाब दे रहे थे।
मुख्यमंत्री ने बसपा सुप्रीमो मायावती द्वारा बसपा को देश की तीसरी नंबर की पार्टी बताने पर कहा कि राज्यसभा में सपा भी बहुत आगे है। उन्होंने बसपा पर भाजपा से मिलीभगत का आरोप लगाते हुए कहा कि उनके उपचुनाव में बीजेपी व बीएसपी ने वोट ट्रांसफर का प्रयोग शुरू किया था। तब बीजेपी ने अपने सारे वोट बसपा को ट्रांसफर करा दिए थे।
बसपा वह कर्ज आज तक उतार रही है। उन्होंने बसपा पर विरोधी की दोनों आंखें चली जाने के लिए अपनी आंख फोड़ लेने वाली प्रवृत्ति अपनाने का आरोप लगाया।
'भाजपा को वोट बैंक ट्रांसफर किया, इसलिए खाता नहीं खुला'
उन्होंने फिर दुहराया कि पिछले लोकसभा चुनाव में बसपा ने अपना पूरा वोट भाजपा को ट्रांसफर कर दिया, इसीलिए उसका खाता नहीं खुला।
उन्होंने मायावती का नाम लिए बिना कहा कि वह बताएं कि कौन-सा बूथ है, जहां उनके वोट भाजपा को ट्रांसफर नहीं हुए। मुख्यमंत्री ने कहा कि चुनाव की घोषणा में जितनी देर होगी, उन्हें उद्घाटन व शिलान्यास का उतना ही मौका मिलेगा।
गोलमाल नहीं, सम्मान के लिए हम लगवाते हैं मूर्तियां
मुख्यमंत्री ने बसपा सरकार पर किसानों व युवाओं का पैसा स्मारकों, पत्थर की हाथियों पर खर्च करने का आरोप दुहराया। उन्होंने कहा कि सपा सरकार भी मूर्तियां बनवा रही है लेकिन हम महापुरुषों के सम्मान के लिए मूर्तियां बनवा रहे हैं, पैसे का गोलमाल करने के लिए नहीं।
अपने बलबूते सरकार बनाएगी सपा
एक सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा, गठबंधन की हमारी बात को बसपा सुप्रीमो ठीक से सुन व समझ नहीं पाई हैं। मैं पहले ही कह चुका हूं कि सपा अपने बलबूते बहुमत की सरकार बनाएगी। यदि गठबंधन करते हैं तो 300 सीटें जीतेगी।
हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि गठबंधन पर वह फैसला नहीं ले सकते। यह निर्णय नेताजी को करना है, लेकिन इससे सबसे ज्यादा फायदा सपा को होगा। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस के कई नेताओं से उनके अच्छे ताल्लुकात हैं। उनसे बातचीत होती रहती है।
टिकटों की अदला-बदली स्वाभाविक प्रक्रिया
सपा में टिकट को लेकर मचे घमासान पर मुख्यमंत्री ने कैबिनेट मंत्री अवधेश प्रसाद के बेटे के टिकट वापसी की ओर इशारा किया। कहा, कल टिकट बंटे या नहीं। टिकट बदलने का काम चुनाव कार्यक्रम जारी होने तक चलता रहता है। सपा जिसे टिकट देगी, वही जीतेगा, जनता ने मन बना लिया है।
2017 में जरूर जाएंगे नोएडा
मुख्यमंत्री ने नोएडा से जुड़ी परियोजनाओं का शिलान्यास लखनऊ से करने पर सफाई भी दी। बोले, साथियों ने कहा कि एक बार और सरकार बना लीजिए, फिर जाइएगा। हम 2017 में नोएडा जरूर जाएंगे। सपा ने इतने काम किए हैं, इस बार नोएडा में सपा का खाता जरूर खुलेगा।