विधानसभा में आज सबकी निगाहें संसदीय कार्य मंत्री आजम खां की कुर्सी पर लगी थीं।
कयास लगाए जा रहे थे कि नाराज चल रहे आजम खां आएंगे या नहीं। आजम ठीक 10.55 पर सदन में आए और सदस्यों का अभिवादन करते हुए अपनी सीट पर बैठ गए।
इसके कुछ क्षण बाद ही मुख्यमंत्री अखिलेश यादव सदन में पहुंचे। आजम और मुख्यमंत्री के बीच गुफ्तगू चलती रही। इस बीच लोक निर्माण मंत्री शिवपाल सिंह यादव भी आ गए। उन्होंने भी आजम को बडे़ अदब के साथ सलाम किया।
नफरत पैदा करने वालों से सख्ती निपटेंगे
संसदीय कार्य मंत्री मो. आजम खां ने कहा कि हिंदू-मुसलमान को बांटकर नफरत पैदा करने वालों से सरकार सख्ती से निपटेगी।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा व कुछ फासिस्ट ताकतें यूपी को दूसरा गुजरात बनाना चाहती हैं। उनके मंसूबों को कामयाब नहीं होने दिया जाएगा।
विधानसभा में भाजपा के रुख पर आजम ने कहा कि दंगा भड़काने व प्रदेश के इस हालात में पहुंचाने वाले यही लोग हैं। सुनियोजित षडयंत्र के तहत सांप्रदायिक आग भड़काई गई है।
अब लोगों को समझने में देर नहीं करनी चाहिए कि भाजपा अलगाववादी व फासिस्ट ताकतों से मिलकर प्रदेश को सांप्रदायिकता की आग में झोंकने का षडयंत्र कर रही है।
समाजवादी पार्टी की सरकार इनके षडयंत्र को सफल नहीं होने देगी। सरकार का संकल्प है कि ऐसी ताकतों से सख्ती के साथ निपटा जाएगा।
हिंदू-मुसलमान के दिलों के बांटकर अलगाव पैदा करने की कोशिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सरकार पूरी सख्ती करेगी और प्रदेश को बर्बाद नहीं होने देगी।