बीटीसी का नया सत्र शुरू होने के पहले ही पटरी से उतर गया है। छह महीने बीतने के बावजूद अभी दाखिले ही नहीं हो पाए हैं।
दाखिलों में इंटरनेट की मार्कशीट स्वीकार करने के मुद्दे पर शासन ने अभी कोई निर्णय नहीं लिया। इसी इंतजार में दाखिला प्रक्रिया रुकी हुई है।
अब यदि प्रक्रिया शुरू होती भी है तो दाखिले होने में कम से कम दो महीने लग जाएंगे। पिछला सत्र तो करीब डेढ़ साल लेट हो चुका है।
सत्र लेट होने से जहां हजारों अभ्यर्थी चिंतित हैं, वहीं कॉलेजों को भी छात्र न मिलने की आशंका सता रही है।
बीटीसी का सत्र जुलाई से जून तक चलना चाहिए लेकिन इसकेलेट होने की शुरुआत दाखिलों से ही हो जाती है। इस साल सत्र 2013-14 के लिए दाखिला प्रक्रिया ही काफी देर से शुरू हुई।
इस साल ऑनलाइन आवेदन मांगे गए थे और दावा किया गया कि इससे प्रवेश प्रक्रिया साफ-सुथरी और जल्दी पूरी हो जाएगी।
ऑनलाइन आवेदन के बाद दस्तावेजों की जांच भी अलग-अलग केंद्रों पर कर ली गई। इस दौरान उन अभ्यर्थियों के आवेदन निरस्त कर दिए गए जिन्होंने इंटरनेट की मार्कशीट दिखाई थी।
इस पर कई अभ्यर्थियों ने अपील की कि कुछ विश्वविद्यालय इंटरनेट पर ही मार्कशीट उपलब्ध कराते हैं। मैनुअल मार्कशीट उन्हें मिली ही नहीं है।
इस पर राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) ने शासन को प्रस्ताव भेजा कि इंटरनेट की मार्कशीट को भी स्वीकार किया जाए।
करीब महीना भर हो गया लेकिन अभी शासन ने इस पर कोई निर्णय नहीं किया है। इसी वजह से दाखिला प्रक्रिया रुकी हुई है। हजारों अभ्यर्थी परेशान हैं कि दाखिले कब शुरू होंगे लेकिन अफसरों को जैसे कोई फिक्र ही नहीं है।
उधर कॉलेज प्रबंधक भी परेशान हैं कि बीएड में छात्र नहीं मिले थे। सत्र लेट होना भी इसकी बड़ी वजह थी। बीटीसी में भी छात्र नहीं मिले तो क्या होगा?
पिछले सत्र की एक भी परीक्षा नहीं हुई
सत्र 2012-13 पिछले साल जुलाई से शुरू होना चाहिए था। इस लिहाज से यहां दिसंबर 2013 तक तीन सेमेस्टर पूरे हो जाने चाहिए थे, लेकिन ज्यादातर कॉलेजों में एक भी सेमेस्टर परीक्षा नहीं हुई।
स्वामी विवेकानंद कॉलेज के प्रबंधक मोहन सिंह बताते हैं कि पहले सेमेस्टर के आवेदन फॉर्म भरने के लिए अभी नोटिस आया है। महावीर प्रसाद डिग्री कॉलेज के प्रबंधक अवधेश सिंह ने भी बताया कि पिछले सत्र की अभी तक एक भी परीक्षा नहीं हुई।