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डॉक्टर घर पर स्टाफ नींद में, तड़प कर मर गई महिला, मौत के बाद किया रेफर

ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ Updated Sat, 24 Sep 2016 02:55 AM IST
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महिला की मौत के बाद विलाप करते परिजन - फोटो : amar ujala
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बीकेटी के रामसागर मिश्र संयुक्त चिकित्सालय (साढ़ामऊ) में एक बार फिर डॉक्टरों और स्टाफ की संवेदनहीनता सामने आई। पहले तो सर्जरी के बाद प्रसूता को गंभीर हालत में बृहस्पतिवार को रात भर इलाज नहीं मिला लेकिन शुक्रवार सुबह जब प्रसूता ने दम तोड़ दिया तो देर से पहुंची डॉक्टर ने इलाज के लिए क्वीन मेरी अस्पताल रेफर कर दिया।
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परिवारीजनों का कहना है कि क्वीन मेरी पहुंचने पर डॉक्टरों ने मरीज को देखते ही मृत घोषित कर दिया और बताया कि मौत दो घंटे पहले हो चुकी है। परिवारीजनों को आरोप है कि ऑपरेशन के बाद से लगातार रक्तस्राव हो रहा था लेकिन कोई देखने सुनने वाला नहीं था।

सीतापुर, मवैया रामपुर कला के सोनू गुप्ता की पत्नी ज्योति गुप्ता (25) को बृहस्पतिवार शाम को प्रसव पीड़ा के बाद शाम पांच बजे साढ़ामऊ अस्पताल में भर्ती कराया गया। ऑपरेशन से ज्योति ने एक बच्ची को जन्म दिया।
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ज्योति के पति सोनू और भाई राजकुमार गुप्ता का आरोप था कि ऑपरेशन के बाद महिला डॉक्टर घर चली गईं और फोन पर स्टाफ से मरीज का हालचाल लेती रहीं। रात से ही लगातार रक्तस्राव होता रहा। स्टाफ को बुलाया गया लेकिन सब कमरा बंद कर सो रहे थे और कोई नहीं आया।

'थोड़ी देर बाद पूरा शरीर हो गया ठंडा'

शुक्रवार सुबह सात बजे ज्योति पूरी तरह बेसुध हो गई तो परिवारीजन हंगामा करने लगे। इसके बाद वहां मौजूद स्टाफ ने दिखावे का इलाज शुरू कर दिया। थोड़ी देर बाद शरीर पूरी तरह ठंडा हो गया और हरकत नहीं थी।

परिवारीजन वार्ड में ही रोने लगे तो स्टाफ ने सबको बाहर कर दिया। अस्पताल के स्टाफ ने मामले की जानकारी ऑपरेशन करने वाली महिला डॉक्टर को दी। सुबह करीब नौ बजे डॉक्टर पहुंचीं तो मरीज की हालत गंभीर बताकर सवा नौ बजे केजीएमयू, क्वीन मेरी रेफर कर दिया।

108 एंबुलेंस से क्वीन मेरी पहुंचे तो वहां डॉक्टरों ने बताया कि मरीज की मौत दो घंटे पहले ही हो चुकी है। गौरतलब है कि ज्योति के पिता छंगालाल गुप्ता की मौत कुछ दिन पहले डेंगू से हो गई थी।

नर्स ओर स्वीपर करते रहे वसूली

ज्योति के पति सोनू गुप्ता ने अस्पताल में हंगामे के दौरान बताया कि स्टाफ नर्स और स्वीपर ने 24 घंटे के भीतर 3500 रुपये वसूल लिए। भर्ती कराने के लिए पहले 500 रुपये, फिर स्टाफ ने वार्ड में बेड, चादर के लिए 500 रुपये ले लिए। ऑपरेशन के दौरान दवा और सुई के नाम पर एक बार फिर 500 रुपये मांगा।

प्रसव के बाद वार्ड में तैनात नर्स, स्टाफ और स्वीपर ने दो हजार रुपये नेग के तौर पर वसूल लिए। अस्पताल सूत्रों की मानें तो अस्पताल में इलाज, जांच, ऑपरेशन और दवा के नाम पर जमकर वसूली हो रही है। कई बार अधिकारियों से शिकायत की गई लेकिन सुनवाई नहीं हुई।

अक्सर रात में महिला डॉक्टर नदारद
अस्पताल में भर्ती मरीजों के तीमारदारों का आरोप था कि अक्सर रात के समय महिला डॉक्टर ड्यूटी से गायब रहती हैं। रात को किसी मरीज की हालत बिगड़ जाए तो इलाज करने की बजाए स्टाफ सीधे 108 या 102 एंबुलेंस से लखनऊ भेज देता है।

'जो भी दोषी होगा की जाएगी कड़ी कार्रवाई'

इस पर साढ़ामऊ अस्पताल के डॉ. जावेद हयात कहते हैं कि प्रसूता की मौत की जानकारी मिली है। मैं अवकाश पर था लेकिन मामले की सूचना मिलने के बाद अस्पताल के कार्यवाहक सीएमएस डॉ. अजय अग्रवाल से पूरे मामले की जांच रिपोर्ट तलब की है।

रिपोर्ट आने के बाद जो भी दोषी होगा उस पर कार्रवाई होगी। महिला डॉक्टर कहां थीं, इसकी जानकारी करने के साथ स्टाफ ने पैसे क्यों वसूले इसकी भी जानकारी मांगी जाएगी।

महिला डॉक्टर से होगी पूछताछ
वहीं सीएमओ डॉ. एसएनएस यादव का कहना है कि रात को ऑपरेशन से प्रसव कराने के बाद महिला डॉक्टर पर घर जाने का आरोप बेहद गंभीर है। परिवारीजनों के इस आरोप की जांच होगी।

मरीज की हालत बिगड़ने के बाद उसके मैनेजमेंट के लिए क्या किया गया इसके लिए इलाज संबंधी दस्तावेज की जांच होगी। परिवारीजनों से भी बात होगी। अस्पताल के सीएमएस से रिपोर्ट मांगेंगे। जो दोषी होगा उस पर कार्रवाई होगी।
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