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सपा के 'सुपर प्लान' का जमकर लाभ उठा रहे हैं विपक्षी!

अनिल श्रीवास्तव/अमर उजाला, लखनऊ Updated Thu, 19 Feb 2015 08:31 PM IST
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प्रदेश के पिछड़े वर्ग के लोगों की लड़कियों की शादी-विवाह व बीमारी के लिए चलाई जा रही योजना को रोकने के मामले पर बृहस्पतिवार को विधानसभा में सरकार घिरी नजर आई।
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कांग्रेस के अनुग्रह नारायण सिंह के एक सवाल के जवाब में अंबिका ने बताया कि 2014-15 के बजट में पिछड़े वर्ग के लोगों की अनुदान योजना के तहत सिर्फ एक करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया।

लाभार्थियों की संख्या बहुत ज्यादा होने के मद्देनजर इसका क्रियान्वयन स्थगित कर दिया गया। विपक्ष ने जब आगामी बजट में इस योजना को शुरू किए जाने को लेकर सवाल दागे तो अंबिका ने कहा कि जब तक बजट पेश नहीं हो जाता तब तक कुछ नहीं कहा जा सकता।
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भाजपा के डॉ. राधा मोहन दास अग्रवाल ने अंबिका को घेरते हुए कहा कि पिछला बजट पेश करते हुए मुख्यमंत्री ने उसे अब तक का सबसे बड़ा बजट होने का दावा किया था।

एक मंत्री कह रहे हैं कि उनके विभाग के लिए कम बजट की व्यवस्था की गई। यह गंभीर बात है। अगर उनके विभाग का बजट कम था तो उन्होंने आवाज क्यों नहीं उठाई? अंबिका ने कहा कि यह अनुपूरक प्रश्न से संबंधित नहीं है। सदस्य मंत्री की योग्यता पर सवाल उठा रहे हैं।

मुख्यमंत्री पर भी हुई टिप्पणी

तिलमिलाए अंबिका बोले वह जानते हैं कि सदस्य उनसे ज्यादा विद्वान हैं। यह पिछड़ों का मजाक उड़ाने के अलावा कुछ नहीं है। अग्रवाल ने कहा सवाल पिछड़ों से जुड़ी एक योजना को बंद करने पर है जबकि मंत्री बचाव में योग्यता की बात कर रहे हैं। एक तरह से यह मुख्यमंत्री पर भी टिप्पणी है।

केवल यूपी में ही सभी दलों को अनुपूरक पूछने का मौका
अनुदान योजना के सवाल पर जब नेता प्रतिपक्ष सवाल पूछने खड़े हुए तो विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि केवल यूपी में ही सभी दलों को अनुपूरक सवाल पूछने का मौका मिलता है। अन्य प्रदेशों में यह व्यवस्था नहीं है।

मध्य प्रदेश में भी मूल प्रश्नकर्ता केवल दो अनुपूरक सवाल पूछ सकते हैं। इस पर मौर्य ने कहा कि यूपी विधानसभा 21 करोड़ लोगों का प्रतिनिधित्व करती है।

इसे एमपी की ओर ले जाने का प्रयास क्यों कर रहे हैं? पांडेय ने कहा कि प्रयास नहीं कर रहा हूं, केवल उदाहरण दे रहा हूं।
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