राजधानी में इस सप्ताह स्वाइन फ्लू के चार और मरीज मिले हैं। अब तक कुल संख्या 545 हो गई है, जबकि पांच की मौत हो चुकी है। प्रदेश में स्वाइन फ्लू की चपेट में 2067 मरीज आ चुके हैं। इनमें से 29 की मौत हो चुकी है।
स्वाइन फ्लू के बढ़ते मामले को देखते हुए पीजीआई, केजीएमयू, लोहिया संस्थान व निजी अस्पतालों में वार्ड बनाए गए हैं। पीजीआई सीएमएस डॉ. अमित अग्रवाल ने बताया कि यहां 10 बेड आरक्षित कर दिए गए हैँ। केजीएमयू के गांधी वार्ड में 10 बेड का अलग वार्ड बनाया गया है। इसी तरह सिविल और बलरामपुर अस्पताल प्रशासन ने भी दवाओं तक का इंतजाम है।
केजीएमयू के माइक्रोबायोलॉजी विभाग की डॉ. शीतल वर्मा का कहना है कि गर्भवती महिलाओं पर स्वाइन फ्लू का अटैक ज्यादा होता है।
सीओपीडी, लंग, कैंसर के मरीजों, बच्चों और 65 साल से अधिक उम्र वालों को भी ज्यादा सावधानी बरतने की जरूरत है। इससे बचने के लिए भीड़भाड़ वाले स्थान पर जाने से बचें। हाथ धोते रहें। तरल पदार्थ का ज्यादा से ज्यादा सेवन करें। पौष्टिक भोजन लें।