कश्मीरी युवकों का भटकाव रोकने के लिए केंद्र सरकार नेे रोजगार की नई योजनाओं पर अमल शुरू कर दिया है। आतंकवाद और हिंसा की राह से हटाकर विकास की मुख्यधारा में शामिल करने के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित करने की कार्ययोजना बनाई गई है। इसके तहत केंद्रीय सैनिक बलों में भी कश्मीरी युवकों को प्राथमिकता दी जाएगी।
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रोजगार के लिए पहले से चल रही योजनाओं की समीक्षा कर उन्हें नए स्वरूप में सामने लाने की कवायद तेज है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रोजगार के उड़ान कार्यक्रम की समीक्षा की है। रियासत सरकार की सलाह से इस योजना को री-लांच किया जाएगा।
शासन के उच्च पदस्थ सूत्रों के अनुसार इंडियन रिजर्व बटालियन की 5 नई बटालियनें कश्मीर में तैनात होंगी। इसके लिए लगभग 5 हजार कश्मीरी युवकों की भर्ती की जाने वाली है। पूरे देश में आईआरबी की 17 बटालियनें बनाई जाने वाली हैं।
असम राइफल्स में भी 1200 कश्मीरी युवकों की भर्ती का निर्णय
गृहमंत्री राजनाथ सिंह और सीएम महबूबा
- फोटो : File Photo
इनमें अकेले जम्मू-कश्मीर के लिए 5 बटालियन तय की गईं हैं। गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कश्मीर दौरे के क्रम में 10 हजार अतिरिक्त एसपीओ की भर्ती का एलान किया था। इसकी प्रक्रिया चल रही है। सेंट्रल आर्म्ड पुलिस फोर्सेस और असम राइफल्स में भी 1200 कश्मीरी युवकों की भर्ती का निर्णय लिया गया है।
विशेष उद्योग पहल के तहत उड़ान कार्यक्रम को राष्ट्रीय कौशल विकास योजना से जोड़ा जा रहा है। इसके तहत तीन वर्ष के इंजीनियरिंग डिप्लोमा धारकों को रोजगार के लायक बनाने के लिए स्किल डेवलपमेंट के लिए कार्यक्रम चलाए जाएंगे। इस योजना के तहत देश भर के प्रमुख कारपोरेट के साथ 23,676 युवक प्रशिक्षण में शामिल हुए हैं। इनमें से 16,576 युवकों का प्रशिक्षण पूरा हो चुका है।
9500 युवकों को मिले हैं प्लेसमेंट ऑफर
प्लेसमेंट ऑफर
- फोटो : Demo Pic.
प्रशिक्षित कश्मीरी युवकों में से 9,500 को अलग-अलग कंपनियों से प्लेसमेंट के प्रस्ताव दिए गए हैं। कश्मीरी युवकों के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के लिए हिमायत योजना पहले से चल रही है। इस योजना को भी नए स्वरूप में लाने पर विचार चल रहा है।
इस योजना के अंतर्गत 68,910 कश्मीरी युवकों को प्रशिक्षण दिया गया है। प्रशिक्षित युवकों में से 51895 को फूड रिटेल चेन, खुदरा बाजार, बिजली क्षेत्र, फार्मा बिक्री सहायक और चिकित्सा सहायक के रूप में रोजगार दिया गया है।