ग्रीष्मकालीन राजधानी श्रीनगर में मई में सचिवालय खुलने के साथ ही 29 जून से शुरू हो रही अमरनाथ यात्रा की तैयारियां तेज कर दी जाएंगी। मई के मध्य पारंपरिक बालटाल और पहलगाम यात्रा ट्रैक का सर्वे करवाने की तैयारी है।
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इसमें ट्रैक पर बर्फबारी और दूसरे बिंदुओं पर रिपोर्ट तैयार की जाएगी। इसके बाद बालटाल में पीडब्ल्यूडी और पहलगाम में पहलगाम डेवलपमेंट अथारिटी ट्रैक को क्लीयर करने के साथ अन्य जरूरी प्रबंधों के लिए काम करेगी।
25 अप्रैल से यात्रा के लिए चापर सेवा की टिकट बुकिंग शुरू करना प्रस्तावित है। यात्रा के लिए अब तक एक लाख से अधिक यात्री पंजीकरण करा चुके हैं। इस सीजन पर्याप्त बारिश और बर्फबारी से यात्रा ट्रैक पर कई जगह कई फीट बर्फ जमी हुई है। यात्रा से पूर्व दोनों पारंपरिक ट्रैक को क्लीयर करने पर काम किया जाता है। इसमें सेना अपने स्तर पर अलग से हवाई सर्वे करवाती है।
7500 श्रद्धालुओं को रोज मिलेगी इजाजत
अमरनाथ यात्रा
- फोटो : FILE PHOTO
यात्रा के दौरान प्रतिदिन पहलगाम-चंदनबाड़ी और बालटाल ट्रैक से 7500-7500 श्रद्धालुओं के अलावा पंजतरणी हेलीकाप्टर सेवा से अलग से श्रद्धालुओं को यात्रा की इजाजत दी जाएगी। यात्रा के पंजीकरण के लिए हर श्रद्धालु को मेडिकल प्रमाण पत्र बनाना अनिवार्य है।
देश के 32 राज्यों/केंद्र शासित राज्यों में पंजाब नेशनल बैंक, जम्मू-कश्मीर बैंक और येस बैंक की 433 शाखाओं में दोनों ट्रैक के लिए पंजीकरण जारी है। श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड यात्रा के मद्देनजर स्वास्थ्य संबंधी सलाह और अन्य जानकारियों के लिए देश भर में प्रचार प्रसार अभियान पर काम करेगा। श्रावण पूर्णिमा (रक्षाबंधन) 7 अगस्त 2017 तक चलने वाली अमरनाथ यात्रा के लिए लंगर कमेटियों ने भी तैयारियां शुरू कर दी हैं।