राज्यपाल एनएन वोहरा ने कहा कि डाक्टरों की मनमानी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ड्यूटी से गैरहाजिर और लापरवाह डाक्टरों की बर्खास्तगी के साथ ही सख्त कार्रवाई की जाए। दिल्ली और राज्य के अन्य केंद्रों पर बिना पद, बिना जरूरत के अटैच डाक्टरों को शीघ्र वापस बुलाकर दूरदराज के क्षेत्रों में भेजा जाए।
पहाड़ी और दूरवर्ती इलाकों में डाक्टरों की सेवाओं को सुनिश्चित बनाने के लिए नीति बनाई जाए। उन्होंने मंगलवार को सिविल सचिवालय में विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक करते हुए स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के अहम मुद्दों पर चर्चा की।
राज्यपाल ने स्वास्थ्य सचिव डा. एमके भंडारी को निर्देश दिए जो डाक्टर नियमों के तहत तय समय अवधि में सेवाएं नहीं दे रहे हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए। उन्होंने सलाहकार परवेज दीवान को दुर्गम क्षेत्रों में सेवाएं देने वाले डाक्टरों के लिए बेहतर नीति बनाने के निर्देश दिए। इसमें गृह क्षेत्र के डाक्टरों को प्राथमिकता देने को कहा।
उन्होंने डाक्टरों की निजी प्रैक्टिस से जुड़े मुद्दों पर मार्च के आखिर में सलाहकार की सिफारिशों पर बैठक करके कोई फैसला लेने को कहा। स्वास्थ्य सचिव ने जानकारी दी कि प्रधानमंत्री पैकेज के तहत 4900 करोड़ रुपये रखा गया है। इसमें राज्य में दो एम्स के लिए चार हजार करोड़ रखे गए हैं। राज्यपाल ने एम्स के लिए भूमि शीघ्र फाइनल करने के लिए कहा।
राज्यपाल ने पहली जून से राज्य में नि:शुल्क ड्रग पालिसी को शुरू करवाने के लिए एक्शन प्लान बनाने के भी निर्देश दिए। उन्हें मेडिकल सप्लाई कारपोरेशन की ओर से ई टेंडरिंग के जरिये 422 आइटमों को फाइनल करने की जानकारी दी गई। राज्यपाल ने सलाहकार दीवान को एम्स के साथ नए पांच मेडिकल कालेजों, जीएमसी जम्मू और स्किमस सोरा में स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट के काम की नियमित निगरानी करने के निर्देश दिए।
उन्होंने मेडिकल वेस्ट को बेहतर बनाने के लिए एक्शन प्लान बनाने को कहा। वित्त आयुक्त से आयुर्वेदिक और यूनानी कालेजों को शीघ्र शुरू करवाने के लिए जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए। इससे जुड़े मामलों को 31 मार्च तक हल किया जाएगा। रियासत में राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना शुरू करवाने पर भी चर्चा की गई। बैठक में स्वास्थ्य निदेशक जम्मू डा. बलजीत सिंह पठानिया, मुख्य सचिव बीआर शर्मा, वित्त आयुक्त योजना एवं विकास बीबी व्यास आदि मौजूद रहे।