रेवाड़ी। जिले में इलेक्ट्रिक बसों की संख्या बढ़ने की उम्मीदें अभी तक पूरी नहीं हो सकी हैं। मई के अंत तक नई पांच इलेक्ट्रिक बसें सड़कों पर उतारने की संभावना जताई गई थी लेकिन अभी तक ये बसें जिले को नहीं मिल पाई हैं।
अब संभावना जताई जा रही है कि प्रक्रिया में कुछ और समय लग सकता है। फिलहाल जिले में केवल पांच एसी इलेक्ट्रिक बसों का संचालन किया जा रहा है। नई बसों के शामिल होने के बाद यह संख्या लगभग 10 तक पहुंचने की उम्मीद थी। बसों की संख्या बढ़ने से न केवल शहर के अंदर बल्कि आसपास के ग्रामीण रूटों पर भी यातायात व्यवस्था मजबूत होने की उम्मीद थी।
प्रस्तावित इलेक्ट्रिक बसों में आरामदायक सीटें, बेहतर सुरक्षा व्यवस्था, डिजिटल सुविधाएं और पूरी तरह प्रदूषण मुक्त सफर जैसी विशेषताएं शामिल होंगी। इन बसों के आने से यात्रियों को न केवल सस्ता और आरामदायक सफर मिलेगा बल्कि शहर की पर्यावरणीय स्थिति में भी सुधार होगा।
बसों की संख्या बढ़ने से रूट कवरेज भी बेहतर होने की उम्मीद है। हालांकि कुछ रूटों पर इलेक्ट्रिक बसों को अपेक्षित सफलता नहीं मिली है लेकिन बावल जैसे रूटों पर बेहतर रिस्पॉन्स देखने को मिला है।
चार्जिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर की तैयारी
नई बसों के संचालन के लिए नए बस स्टैंड पर चार्जिंग पॉइंट बनाने की भी योजना है। लगभग 90 गज क्षेत्र में चार्जिंग पॉइंट और तीन एकड़ में स्टेशन विकसित किया जाएगा। यहां करीब 170 चार्जिंग पॉइंट लगाए जाने की योजना है। इस पर 13 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
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वर्जन:
जिले को इलेक्ट्रिक बसें मिलनी हैं लेकिन अभी तक इनके आने की कोई निश्चित तिथि तय नहीं की गई है। बसों की आपूर्ति प्रक्रिया पूरी होने के बाद इन्हें विभिन्न रूटों पर उतारा जाएगा।-निरंजन शर्मा, रोडवेज महाप्रबंधक