गोरखपुर में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग (एमएसएमई) का टेक्नोलॉजी सेंटर बनेगा। एमएसएमई डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट कानपुर के निदेशक वीके वर्मा ने उद्योग विभाग के सहयोग से इसके लिए शहर में जगह की तलाश शुरू कर दी है। इस केंद्र के खुलने से जिले में स्थापित सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्योगों को आधुनिक टेक्नोलॉजी, तकनीकी एवं कारोबारी सलाह उपलब्ध होगी साथ ही कुशल कारीगरों की उपलब्धता भी होगी।
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दरअसल, एक जिला एक उत्पाद (ओडीओपी) के अंतर्गत रेडीमेड गारमेंट्स को गोरखपुर के लिए दूसरे उत्पाद के रूप में मंजूरी मिल गई है। इसके लिए गीडा प्रशासन की ओर से भी 50 एकड़ जमीन उपलब्ध कराई जा रही है।
पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे से गोरखपुर को जोड़ने वाली लिंक एक्सप्रेस-वे के दोनों ओर औद्योगिक गलियारा बनाने की भी घोषणा हुई है। ऐसे में यहां फूड प्रोसेसिंग, रेडीमेड गारमेंट्स समेत कई तरह की औद्योगिक इकाइयां लगने की संभावना है। इसको देखते हुए सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्योग मंत्रालय ने गोरखपुर में एक एक्सटेंशन सेंटर स्थापित करने का निर्णय लिया है।
20 करोड़ रुपये की लागत से होगा निर्माण
सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्योग मंत्रालय की योजना देश के 20 स्थानों पर एक्सटेंशन सेंटर बनाने की है। करीब 20 करोड़ों रुपये की लागत से इन सेंटरों का निर्माण किया जाएगा। एमएमएमई डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट कानपुर के प्रभारी निदेशक वीके वर्मा, सहायक निदेशक एसके पांडेय और नीरज कुमार के अलावा प्रोडक्ट डेवलपमेंट सेंटर के प्रबंधक योगेंद्र कुमार ने उपायुक्त उद्योग आरके शर्मा के साथ इसके लिए जमीन का मुआयना किया। इस दौरान चेंबर ऑफ इंडस्ट्रीज के पूर्व अध्यक्ष एसके अग्रवाल भी मौजूद रहे।
इंडस्ट्रियल इस्टेट में भी तलाशी जा रही है संभावना
टीम ने इंडस्ट्रियल इस्टेट में सघन हथकरघा निगम की खाली पड़ी जमीन भी देखी। प्रारंभिक स्तर पर इसे बेहतर विकल्प माना गया है। इसके अलावा टीम ने कुछ और जगहों पर जमीन का मुआयना किया।
उपायुक्त उद्योग आरके शर्मा ने बताया कि केंद्र सरकार की योजना के अनुसार गोरखपुर में भी एमएसएमई टेक्नोलॉजी सेंटर का एक्सटेंशन सेंटर स्थापित किया जाएगा। इसके लिए शहर के विभिन्न इलाकों में जमीन का मुआयना किया गया है। जल्द ही इस संबंध में प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेज दिया जाएगा।