एनई रेलवे मजदूर यूनियन (नरमू) के महामंत्री 105 वर्षीय केएल गुप्त ने अपने आत्मबल से कोरोना को मात दे दी है। 13 जनवरी को वे संक्रमित हुए थे, जिसके बाद रेलवे अस्पताल में उन्हें भर्ती कराया गया था। शुक्रवार को उनकी कोरोना संक्रमण की रिपोर्ट निगेटिव आई।
डॉक्टरों ने बताया कि नरमू महामंत्री की सेहत में अब काफी सुधार है। एहतियात के तौर उन्हें शुक्रवार को कोविड वार्ड से प्राइवेट वार्ड के केबिन एक में शिफ्ट किया गया है। वहीं, चिकित्सा निदेशक डॉ. बीएन चौधरी, डॉ. मनमन्नाथ, डॉ. डीके सिंह के साथ सीएमओ डॉ. आशुतोष कुमार दुबे ने रेलवे अस्पताल जाकर केएल गुप्त की सेहत की जानकारी ली। सुधार होने पर उन्होंने डॉक्टरों एवं स्वास्थ्यकर्मियों के प्रति आभार जताया है।
उन्होंने कहा कि जल्द ही वे पूरी तरह से स्वस्थ होकर रेलकर्मियों की समस्याओं को लेकर संघर्ष शुरू करेंगे। केएल गुप्त लगातार 61 बार से नरमू के महामंत्री हैं और हमेशा सक्रिय रहते हैं। जनवरी 2020 में उनके दाएं कूल्हे की हड्डी टूट गई थी, लेकिन उनके आत्मबल का ही नतीजा है कि छह महीने में ही ठीक होकर वे आंदोलन में भाग लेने लगे । रेलवे अस्पताल में डॉक्टरों के निरीक्षण के दौरान नरमू के संयुक्त महामंत्री ओंकार सिंह, संजय मालवीय, किरण जैकसन आदि मौजूद रहे।
रेलवे अस्पताल में बनेगा 66 बेड का एल-टू अस्पताल
रेलवे अस्पताल को 66 बेड का लेवल-टू (एल-टू) अस्पताल बनाया जाएगा, जहां पर कोरोना मरीजों का इलाज हो सकेगा। लेवल-टू अस्पताल में ऑक्सीजन की सुविधा उपलब्ध रहेगी। सीएमओ डॉ आशुतोष कुमार दुबे ने शुक्रवार को रेलवे अस्पताल का निरीक्षण किया। कहा कि रेलवे अस्पताल में जरूरत पड़ने पर बेड भी बढ़ाए जा सकते हैं।