तिहाड़ के जेल नंबर 4 में रखा गया
दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री रह चुके अरविंद केजरीवाल को तिहाड़ जेल ले जाया गया है। उनकी गिरफ्तारी के बाद तिहाड़ में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। केजरीवाल को तिहाड़ के जेल नंबर 4 में रखा गया है।
अरविंद केजरीवाल को दिल्ली पुलिस अपनी गाड़ी में बिठाकर जेल ले गई। दिल्ली पुलिस की गाड़ी के पीछे पार्टी के कई समर्थक भी पीछे-पीछे चल रहे हैं।
तिहाड़ जेल के बाहर धारा 144 लागू
आम आदमी पार्टी के समर्थकों ने तिहाड़ जेल के बाहर प्रदर्शन करना शुरू कर दिया है। इस प्रदर्शन को रोकने के लिए दिल्ली पुलिस ने हल्का बल प्रयोग भी किया है। पुलिस लोगों को तिहाड़ के बाहर से हटाना चाहती है लेकिन वहां कई सारे लोग मौजूद हो गए हैं। इसके बाद दिल्ली पुलिस ने तिहाड़ जेल के बाहर धारा 144 लागू कर दी है।
हालांकि धारा 144 लागू होने के बाद भी वहां पर पार्टी के ढेरों समर्थक मौजूद हैं। पार्टी नेता संजय सिंह ने कहा कि पुलिस ने हमारे कार्यकर्ताओं को मारा पीटा साथ ही महिला कार्यकर्ताओं के साथ भी बदतमीजी की जा रही है।
पार्टी के वरिष्ठ नेता योगेंद्र यादव इस पर कहते हैं कि काश, पुलिस यह सख्ती देश के अपराधियों के खिलाफ दिखाती तो देश से अपराध खत्म हो जाता।
पार्टी समर्थकों का जेल के बाहर प्रदर्शन
इस बीच जब केजरीवाल को तिहाड़ जेल के अंदर ले जा गया तो आम आदमी पार्टी के समर्थक जेल के बाहर प्रदर्शन कर रहे हैं।
पार्टी के कार्यकर्ताओं का मानना है कि अरविंद केजरीवाल ने जो भी कदम उठाया है वह सही है। हम अपने सिद्धांतों पर लड़ रहे हैं। आम आदमी पार्टी के फेसबुक पेज पर भी इस बात को लिखा गया है कि यह आदर्शों पर खड़े होने की बात है। यदि नितिन गडकरी को चोर कहने पर जेल जाना होगा, तो हम जाएंगे।
मोदी के पीएम बनते हीं 'अच्छे दिन' आ गए हैं
अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी के बाद चारों ओर से प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। पार्टी के नेता मनीष सिसोदिया ने कहा कि मोदी जी प्रधानमंत्री बनने वाले हैं तो हमारे दिन तो अच्छे आने ही थे।
वहीं पार्टी के बागी विधायक विनोद कुमार बिन्नी ने कहा कि अरविंद केजरीवाल कानून नहीं मानने के अभयस्थ हो चुके हैं। उन्हें कानून का सम्मान करना चाहिए।
केजरीवाल का मुकदमा लड़ने वाले वकील प्रशांत भूषण ने कहा कि इस मामले में कोर्ट को जेल नहीं भेजना चाहिए। केजरीवाल ने कोई अपराध नहीं किया है।
केजरीवाल ने लगाया था झूठा आरोप
बीजेपी की ओर हर्षवर्धन ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अरविंद केजरीवाल ने नितिन गडकरी के खिलाफ झूठा आरोप लगाया था। जिसके बाद उन्हें गडकरी जी ने मानहानि का मुकदमा दायर कर सही जवाब दिया है।
वहीं आम आदमी पार्टी के नेताओं का कहना है कि अगर नितिन गडकरी को चोर बोलने पर जेल जाना पड़ता है तो हमें जेल जाना मंजूर है। यह सिद्धांतों की लड़ाई है।
क्या है केजरीवान का प्लान?
बीजेपी नेता नितिन गडकरी की ओर से दायर मानहानि के मुकदमे पर आम आदमी पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल ने बुधवार को दिल्ली के एक कोर्ट में बेल बांड भरने से इंकार कर दिया।
दिल्ली की एक स्थानीय कोर्ट में हाजिरी लगाने पहुंचे अरविंद केजरीवाल ने मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट गोमती मनोचा के उपस्थिति में कहा कि अदालत उन्हें जब भी बुलाएगी वह आने को तैयार हैं लेकिन वह बेल बांड भरने को तैयार नहीं है।
सुनवाई के दौरान मजिस्ट्रेट ने कहा कि मैं आपकी बात से सहमत हूं लेकिन केजरीवाल बेल बांड क्यों नहीं भरना चाहते हैं? इसमें दिक्कत क्या है? यह एक नियम है और हम क्यों इस मामले में कुछ अलग करने की सोच रहे हैं।
'मैने कुछ गलत नहीं किया'
मजिस्ट्रेट ने कहा कि मैं मानती हूं कि आप कोर्ट में आने को तैयार हैं लेकिन इस नियम के तहत आप बेल बांड क्यों नहीं भरना चाहते। क्या आप कुछ खास आवभगत की सोच रहे हैं? केजरीवाल ने अपने बचाव में कहा कि मैंने कोई गंभीर अपराध नहीं किया है और मैं कोई खास आवभगत के बारे में भी नहीं सोच रहा हूं।
केजरीवाल ने कहा कि यह मेरा सिद्धांत है, मैंने कुछ भी गलत नहीं किया है फिर मैं क्यों बेल लूं। मैं जेल जाने के लिए तैयार हूं।
केजरीवाल की ओर से प्रशांत भूषण और राहुल मेहरा वकील के रूप में उनका पक्ष रख रहे थे। उन्होंने कहा कि यह मामला एक राजनीतिक विषय है और आम आदमी पार्टी के सिद्धांत के हिसाब से वह बेल बांड नहीं भरना चाहते हैं।
भ्रष्ट नेताओं की सूची जारी करके फंसे केजरी!
भूषण ने कहा कि इसके कोई चांस नहीं हैं कि केजरीवाल तथ्यों के साथ कोई छेड़छाड़ या गवाहों को बरगलाने की कोई कोशिश करेंगे।
वकील पिंकी आनंद कोर्ट में नितिन गडकरी की ओर से केस की जिरह कर रही थी। उन्होंने कहा कि कानून सब के लिए एक है और इस तरीके के दावे का कोई आधार नहीं है। कानून किसी खास के लिए नहीं बदला जाना चाहिए।
इसके पहले कोर्ट ने 28 फरवरी पर मानहानि के आरोप में केजरीवाल को समन जारी करते हुए तलब किया था। केजरीवाल को ये समन देश के सबसे भ्रष्ट नेताओं की सूची जारी करने के मामले में जारी किया गया था। इस लिस्ट में नितिन गडकरी का भी नाम था।