तीर्थ नगरी ऋषिकेश में नगर पालिका के एक सभासद मधु मिश्रा ने वह कारनामा कर दिखाया, जो शायद ही किसी के लिए मुमकिन हो।
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छह साल की उम्र में पांचवीं कक्षा पास कर ली। आरटीआई में उनके शैक्षणिक दस्तावेजों का यह फर्जीवाड़ा खुल गया। सच सामने आने के बावजूद जिम्मेदार संज्ञान लेने को तैयार नहीं।
विभिन्न विभागों से मांगी दस्तावेजों की सूचना
सामाजिक कार्यकर्ता रामकृपाल गौतम ने आरटीआई के तहत विभिन्न विभागों से सभासद के दस्तावेजों की सूचना मांगी, तो हर मामले की परत खुलती चली गई।
सभासद ने प्रमाण-पत्रों में किस कदर फर्जीवाड़ा किया वह इसी से समझा जा सकता है कि उसने निकाय चुनाव के नामांकन पत्र में खुद को पांचवीं पास बताया, जबकि ड्राइविंग लाइसेंस के आवेदन में दसवीं पास होने की जानकारी दी।
प्रशासन और पालिका प्रशासन ने मूंदी आंख
प्रशासनिक मिलीभगत से हुए इस कारनामे पर शिकायत मिलने के बाद एआरटीओ ने तो उसका लाइसेंस निरस्त कर दिया, लेकिन प्रशासन और पालिका प्रशासन ने इस तरफ से आंख मूंद रखी हैं। वह केवल बयानबाजी कर लीपा-पोती में जुटे हैं।
बयानों की उलटबांसी
मामला संज्ञान में है, नगर पालिका को आख्या प्रस्तुत करने के आदेश दिए गए हैं। दोष सिद्ध होने पर कार्रवाई होगी।
- एसके पांडेय, उपजिलाधिकारी
प्रमाणपत्र जारी करने का कार्य प्रशासन का है, मामले की एसडीएम और तहसीलदार को जांच करनी चाहिए। प्रशासन से इस बाबत कोई आदेश प्राप्त नहीं हुआ है।
- बीएल आर्य, ईओ, नगर पालिका परिषद