उच्च हिमालयी क्षेत्र में मिलने वाली लाल लोमड़ी (हिमालयन रेड फॉक्स) रामनगर के मोहान (कोसी कॉरिडोर) में रिपोर्ट हुई है।
पुख्ता साक्ष्य मिलने का दावा
वन्यजीव विशेषज्ञ इसे वन्यजीवों के व्यवहार में बदलाव के संकेत के तौर भी देख रहे हैं। डब्ल्यूडब्ल्यूएफ ने वन विभाग के सहयोग से जो अध्ययन किया है, उसमें पहली बार भाबर में रेड फॉक्स के पुख्ता साक्ष्य मिलने का दावा किया गया है।
डब्ल्यूडब्ल्यूएफ ने कोसी कॉरिडोर पर 2012 से 2014 मार्च तक अध्ययन कर हाल में इस संबंध में रिपोर्ट जारी की है।
रामनगर वन प्रभाग की डीएफओ कहकशां कहती हैं कि पहली बार कैमरा ट्रैप के माध्यम से हिमालयन रेड फॉक्स के भाबर में पहुंचने के पुख्ता साक्ष्य मिले हैं।
उनका कहना है कि पहाड़ में 1500 मीटर की ऊंचाई पर रहने वाले इस वन्यजीव के 505 मीटर की ऊंचाई पर दिखाई देना आश्यचर्यजनक है।
वन्यजीवों के व्यवहार में बदलाव
तराई पूर्वी वर्किंग प्लान अफसर नेहा वर्मा कहती हैं कि वन्यजीवों के व्यवहार में बदलाव दिखाई दे रहा है।
जब वह लैंसडौन वन प्रभाग में डीएफओ थीं तो हाथी पहाड़ के ऊंचाई वाले इलाके में रिपोर्ट हुए थे जहां हाथियों के पहुंचने के बारे में विचार नहीं आ सकता था। उन्होंने रेड फॉक्स के व्यवहार में बदलाव आने की बात कही है।
इस अध्ययन से जुड़े और डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के वरिष्ठ परियोजना अधिकारी मीराज अनवर कहते हैं कि कैमरा ट्रैप में यह फोटो सर्दियों में आई है।
संभवत: तब पहाड़ में लोमड़ी को खाना कम मिल रहा हो या फिर जंगलों के कट जाने के कारण उसके व्यवहार में यह बदलाव आया हो।