प्राइवेट स्कूल में 11वीं कक्षा में पढ़ने वाली एक छात्रा ने फंदा लगा कर आत्महत्या कर ली। छात्रा के इस कदम से परिजन सकते में हैं। उन्हें समझ नहीं आ रहा है कि उसने ऐसा कदम क्यों उठाया।
मौके से पुलिस को कोई सुसाइड नोट भी नहीं मिला है। परिजनों ने भी किसी पर आशंका नहीं जताई है। अभी तक आत्महत्या का कारण पता नहीं चल सका है।
जानकारी के मुताबिक फेज सात की कोठी नंबर 695 निवासी आस्था (17) शैमरॉक पब्लिक स्कूल, सेक्टर-69 में 11वीं क्लास में पढ़ती थी।
सोमवार दोपहर बाद वह छुट्टी के बाद रोजाना की तरह घर आई। उसने खाना खाया और अपने कमरे में चली गई। कुछ देर बाद उसके दादा ने आस्था का कमरा खोल कर देखा तो उसकी लाश पंखे से लटक रही थी।
आस्था ने चुन्नी के सहारे पंखे से फंदा लगा लिया था। घरवालों ने उसे उतारा और फौरन इंडस अस्पताल ले गए। जहां डॉक्टरों ने आस्था को मृत घोषित कर दिया। इसके बाद आस्था के पिता डॉ. किरपाल सिंह ने थाना मटौर पुलिस को सूचित किया।
डॉ. किरपाल सिंह पटियाला जेल में सरकारी डॉक्टर के पद पर तैनात हैं। उनकी एक और बेटी है, जोकि बीडीएस कर रही है।
पुलिस से बातचीत में डॉ. किरपाल सिंह ने आस्था द्वारा उठाए कदम पर बिल्कुल हैरानी जताई। परिवार गहरे सदमे में है, किसी की कुछ समझ नहीं आ रहा है कि आस्था ने ऐसा कदम क्यों उठाया।
उधर, शैमरॉक स्कूल में देर शाम तक प्रबंधन का यह कहना था कि उन्हें इस बात की जानकारी ही नहीं है कि किसी छात्रा ने आत्महत्या कर ली है। परिजनों की तरफ से कोई शिकायत न मिलने पर मटौर पुलिस ने धारा 174 के तहत कार्रवाई की है।