बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Fri, 02 Feb 2018 05:04 PM IST
गुरुवार को वित्त मंत्री द्वारा
बजट पेश किए जाने के बाद आम व्यक्ति से लेकर के
टैक्स पेयर्स, इन्वेस्टर्स के मन में कई ऐसे सवाल हैं, जिनका उत्तर देना जरूरी है। हमने ऐसे ही कुछ सवालों का जवाब देने की कोशिश की है....
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प्रश्न- बजट में आयकर टैक्स स्लैब में कोई बदलाव हुए हैं क्या?
उत्तर- वित्त वर्ष 2018-19 के आम बजट में आयकर की दरों और स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया है। हालांकि नौकरीपेशा लोग इस बारे में पूरी उम्मीद लगाए हुए थे।
प्रश्न- कोई ऐसा फैसला हुआ है जिसका आम करदाताओं द्वारा चुकाये जाने वाले आयकर पर असर पड़ेगा?
उत्तर- निजी करदाताओं को अब ट्रांसपोर्ट और मेडिकल रिबंर्समेंट की सुविधा नहीं मिलेगी। इसके बदले 40000 रुपये के स्टैंडर्ड डिडेक्शन का लाभ दिया जाएगा।
स्टैण्डर्ड डिडक्शन में मिलेगी मामूली राहत
Budget 2018
- फोटो : अमर उजाला
प्रश्न- स्टेंडर्ड डिडेक्शन का लाभ का कितना असर पड़ेगा?
उत्तर- वित्त मंत्री ने बजट में नौकरीपेशा और पेंशनभोगियों को जो 40000 रुपये के स्टेंडर्ड डिडेक्शन का लाभ देने की घोषणा की है, उस पर विशेषज्ञों का कहना है कि करदाताओं को इससे मामूली राहत ही मिलेगी। मानक कटौती की यह व्यवस्था निर्धारण वर्ष 2006-07 से बंद कर दी गई थी।
प्रश्न- शेयरों में निवेश से होने वाले लाभ पर भी कुछ फैसला हुआ है??
उत्तर- बजट भाषण में वित्त मंत्री ने शेयरों में निवेश से होने वाले लांग टर्म कैपिटल गेन पर 10 फीसदी कर लगाने की घोषणा की है। यह कर एक लाख रुपये से अधिक के लाभ पर होगा। हालांकि 31 जनवरी 2018 की तिथि तक शेयरों में निवेश से होने वाले पूंजीगत लाभ को इस नई कर व्यवस्था से छूट होगी लेकिन उसके बाद के पूंजीगत लाभ पर नए प्रावधान के तहत टैक्स लगेगा।
प्रश्न- कर पर लगने वाले सेस की दरों में भी कोई बदलाव हुआ है?
उत्तर- वित्त मंत्री ने तीन फीसदी एजुकेशन सेस के स्थान पर चार फीसदी हेल्थ और एजुकेशन सेस लगाने की घोषणा की है। ढाई से पांच लाख रुपये तक आय वाले करदाताओं पर इसका बोझ 125 रुपये का होगा जबकि पांच से दस लाख रुपये कमाने वालों पर 1125 रुपये और 10 से 15 लाख रुपये वालों पर 2625 रुपये का बोझ पड़ेगा।