नक्सलियों ने मुखबिरी के शक में मांडर गांव के जानकी दास यादव और औरवांटांड के श्रवण दास को अगवा कर अपनी जन अदालत में पेश किया। इसमें जानकी दास को मौत की सजा सुनाई गई।
सजा सुनाने के बाद अदालत में ही लाठी से पीटकर हत्या कर दी गई। जबकि श्रवण दास को मुक्त कर दिया गया। गया जिले के डुमरिया थाना क्षेत्र में शुक्रवार की रात करीब आठ बजे दो मोटरसाइकिल से पांच माओवादी मांडर गांव के जानकी यादव के घर पहुंचे और हथियार का भय दिखाकर अगवा कर जंगल में ले गए।
उसी रात औरवांटांड गांव के श्रवण दास को भी अगवा किया गया। दोनों को शनिवार की रात पननवांटांड जंगल में लगाई गई जन अदालत में पेश किया गया। इसमें माओवादिओं ने जानकी यादव को लाठी से पीट-पीटकर हत्या करने की सजा सुनाई।
मारने के बाद माओवादिओं ने शव को मांडर गांव के समीप लाकर फेंक दिया। श्रवण दास से पूछताछ की गई, इसके बाद उसे मुक्त कर दिया गया। ऐसे पुलिस को सूचना है कि श्रवण दास माओवादिओं के चंगुल से भागकर कोठी थाना क्षेत्र में चला गया।